पूर्व-गुप्तकाल से गुप्तकाल तक कृषि व्यवस्था

पूर्व-गुप्तकाल की आर्थिक दशा की रीढ़ कृषि थी क्योंकि इस समय की भी आर्थिक व्यवस्था कृषि पर निर्भर थी। इस काल में छोटे बड़े नगरों का विकास हो चुका था। देश में किसानों की संख्या अधिक थी, वे युद्ध तथा अन्य राजनैतिक कार्यों से मुक्त थे। कभी अकाल नहीं पड़ा तथा खाद्यान्न में कभी महंगाई … Read more

उत्तर वैदिक काल में कृषि की दशा

इस काल तक पहुंचते-पहुंचते कृषि के रूप में परिवर्तन हए जिनके कारण कृषि की तेजी से उन्नति हुई। इस युग के किसानों ने कृषि के अनेक कार्यों में परिवर्तन करके उनमें महत्वपूर्ण सुधार किये, जिसके कारण किसानों की आर्थिक दशा ऋग्वैदिक काल के मुकाबले अच्छी हो गई। काटक संहिता में उल्लेख है कि खेतों की … Read more